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Kahan Kahan Dhundhun Tuje Nazar Nahi Aaye (कहाँ कहाँ ढूँढू तुझे नज़र नाही आए)

Lyrics
कहाँ कहाँ ढूँढू तुझे नज़र नाही आए
कहाँ कहाँ ढूँढू तुझे नज़र नाही आए
भक्ति की लगन कान्हा काहे को लगाये काहे को लगाये
कहाँ कहाँ ढूँढू तुझे नज़र नाही आए
कहाँ कहाँ ढूँढू तुझे नज़र नाही आए
भक्ति की लगन कान्हा काहे को लगाये काहे को लगाये
जनम दिया तूने हमे जी नाही पाये
जनम दिया तूने हमे जी नाही पाये
माया में जीने को जी ललचाये
कहाँ कहाँ ढूँढू तुझे नज़र नाही आए
कहाँ कहाँ ढूँढू तुझे नज़र नाही आए
भक्ति की लगन कान्हा काहे को लगाये काहे को लगाये
काम क्रोध मोह हमसे छूट नाही पाए
काम क्रोध मोह हमसे छूट नाही पाए
बता दे हमे कान्हा कैसे छुडाये
बता दे हमे कान्हा कैसे छुडाये कैसे छुडाये
कहाँ कहाँ ढूँढू तुझे नज़र नाही आए
कहाँ कहाँ ढूँढू तुझे नज़र नाही आए
भक्ति की लगन कान्हा काहे को लगाये काहे को लगाये
हम तो तेरे बालक हैं काहे तू सताए
हम तो तेरे बालक हैं काहे सताए
तू ही हँसाए हमें तू ही रुलाए
तू ही हँसाए हमें तू ही रुलाए तू ही रुलाए
कहाँ कहाँ ढूँढू तुझे नज़र नाही आए
कहाँ कहाँ ढूँढू तुझे नज़र नाही आए
भक्ति की लगन कान्हा काहे को लगाये काहे को लगाये
मेरे दिल की धड़कन तुझे हर घड़ी पुकारे
मेरे दिल की धड़कन तुझे हर घड़ी पुकारे
आ जा कन्हईया अब तो दरस दिखा दे
आ जा कन्हईया अब तो दरस दिखा दे दरस दिखा दे
कहाँ कहाँ ढूँढू तुझे नज़र नाही आए
कहाँ कहाँ ढूँढू तुझे नज़र नाही आए
भक्ति की लगन कान्हा काहे को लगाये काहे को लगाये
कहाँ कहाँ ढूँढू तुझे नज़र नाही आए
कहाँ कहाँ ढूँढू तुझे नज़र नाही आए
भक्ति की लगन कान्हा काहे को [...]

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baba ji thara kya kehana (बाबाजी थारा क्या कहना )

Lyrics:

बागो रंग बिरंग , रंग सु हिवडे उठी उमंग |
बाबाजी थारा क्या कहना || |४|
बाबाजी थारा क्या कहना, बाबाजी थारा क्या कहना || |३|
बागो रंग बिरंग , रंग सु हिवडे उठी उमंग |
बाबाजी थारा क्या कहना ||
बागो रंग बिरंग , रंग सु हिवडे उठी उमंग |
बाबाजी थारा क्या कहना ||
सुन्दर सलोनी सूरत,मन में बसा ल्यु मूरत |
छवि मन भा गयी ||
गजरा राणे ने रसीला , नीरस का मन भी डोला |
लगन लगा गयी ||
नैना बरसे प्यार, नैना बरसे प्यार |
प्यार में तन मन से उवाड़ |
बाबाजी थारा क्या कहना ||
बागो रंग बिरंग , रंग सु हिवडे उठी उमंग |
बाबाजी थारा क्या कहना ||
दर्दी को दर्द मिट गो ,ऐसी मस्ती में रंग गो |
बेसून सो हो गयो ||
माथे में चावन लाग्यो , श्याम ने रिझावन लाग्यो |
कमतकार  हो गयो||
ऐसी लागी लगन, लगन में बन्दों हुयो मगन |
बाबाजी थारा क्या कहना ||
बागो रंग बिरंग , रंग सु हिवडे उठी उमंग |
बाबाजी थारा क्या कहना ||
मदन मुरारी थे हो , केसर गिरधारी थे हो  |
भक्ता की शान हो ||
कृष्ण कन्हैया थे हो  , बंसी बजैया थे हो  |
खाटू वाला श्याम हो ||
बागो रंग बिरंग , रंग सु हिवडे उठी उमंग |
बाबाजी थारा क्या कहना ||
बागो रंग बिरंग , रंग सु हिवडे उठी उमंग |
बाबाजी थारा क्या कहना ||
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