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Krishna Bhajans

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Kahan Kahan Dhundhun Tuje Nazar Nahi Aaye (कहाँ कहाँ ढूँढू तुझे नज़र नाही आए)

Lyrics
कहाँ कहाँ ढूँढू तुझे नज़र नाही आए
कहाँ कहाँ ढूँढू तुझे नज़र नाही आए
भक्ति की लगन कान्हा काहे को लगाये काहे को लगाये
कहाँ कहाँ ढूँढू तुझे नज़र नाही आए
कहाँ कहाँ ढूँढू तुझे नज़र नाही आए
भक्ति की लगन कान्हा काहे को लगाये काहे को लगाये
जनम दिया तूने हमे जी नाही पाये
जनम दिया तूने हमे जी नाही पाये
माया में जीने को जी ललचाये
कहाँ कहाँ ढूँढू तुझे नज़र नाही आए
कहाँ कहाँ ढूँढू तुझे नज़र नाही आए
भक्ति की लगन कान्हा काहे को लगाये काहे को लगाये
काम क्रोध मोह हमसे छूट नाही पाए
काम क्रोध मोह हमसे छूट नाही पाए
बता दे हमे कान्हा कैसे छुडाये
बता दे हमे कान्हा कैसे छुडाये कैसे छुडाये
कहाँ कहाँ ढूँढू तुझे नज़र नाही आए
कहाँ कहाँ ढूँढू तुझे नज़र नाही आए
भक्ति की लगन कान्हा काहे को लगाये काहे को लगाये
हम तो तेरे बालक हैं काहे तू सताए
हम तो तेरे बालक हैं काहे सताए
तू ही हँसाए हमें तू ही रुलाए
तू ही हँसाए हमें तू ही रुलाए तू ही रुलाए
कहाँ कहाँ ढूँढू तुझे नज़र नाही आए
कहाँ कहाँ ढूँढू तुझे नज़र नाही आए
भक्ति की लगन कान्हा काहे को लगाये काहे को लगाये
मेरे दिल की धड़कन तुझे हर घड़ी पुकारे
मेरे दिल की धड़कन तुझे हर घड़ी पुकारे
आ जा कन्हईया अब तो दरस दिखा दे
आ जा कन्हईया अब तो दरस दिखा दे दरस दिखा दे
कहाँ कहाँ ढूँढू तुझे नज़र नाही आए
कहाँ कहाँ ढूँढू तुझे नज़र नाही आए
भक्ति की लगन कान्हा काहे को लगाये काहे को लगाये
कहाँ कहाँ ढूँढू तुझे नज़र नाही आए
कहाँ कहाँ ढूँढू तुझे नज़र नाही आए
भक्ति की लगन कान्हा काहे को [...]

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मीठे रस से भरयो – दी राधा रानी लागे

मीठे रस से भरयो -दी राधा रानी लागे , राधा रानी लागे
मने खारो खारो यमुनाजी रो पानी लागे
यमुना मैया तो कारी कारी राधा गोरी गोरी ,
वृन्दावन में धूम माचवे बरसने की चोरी
वृजा धाम राधा ज्योकी रज धानी लागे रज धानी लागे , मने करो करो
कान्हा नित मुरली में तेरे सुमिरे बारं बार
कोटिन रूप धरे मंमोह्म कहूं न पावे पार
रूपा रंग की छबीली पट रानी लागे पट रानी लगे , मने करो करो
ना भावे माने माखन मिस्री अब न कोई मिठाई
मारे जिवाडिया ने भावे अब तो राधा नाम मलाई , मने करो करो
वृष भानु की लली तो गुना धानी लागे , मने करो करो
राधा राधा नाम रटत है जो नर अथथो धाम
जिनकी बाधा दूर करत हे राधा राधा नामे
राधा नाम में सफल जिन्दगानी लगे जिन्दगानी लागे , मने करो करो

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“जग में सुंदर हैं दो नाम”

Singer: अनूप  जलोटा
जग  में  सुन्दर  हैं  दो  नाम |
चाहे  कृष्ण  कहो  या  राम ||
बोलो  राम , राम , राम |
बोलो  श्याम , श्याम , श्याम ||
माखन  ब्रिज  में  एक  चुरावे |
एक  बेर  भीलनी  के  खावे ||
प्रेम भाव  से  भरे  अनोखे |
दोनों  के  हैं  काम ||
चाहे  कृष्ण  कहो  या  राम ……
एक  कंस  पापी  को  मारे |
एक  दुष्ट  रावन  संहारे ||
दोनों  दीन के  दुःख  हरत  हैं |
दोनों  बल  के  धाम ||
चाहे  कृष्ण  कहो  या  राम ………..
एक  ह्रदय  में  प्रेम  बढ़ावे |
एक  ताप  संताप  मिटावे ||
दोनों  सुख  के  सागर  हैं |
और  दोनों  पूरण  काम ||
चाहे  कृष्ण  कहो  या  राम ………….
एक  राधिका  के  संग  राजे |
एक  जानकी  संग  बिराजे ||
चाहे  सीताराम  कहो |
या  बोलो  राधे श्याम ||
चाहे  कृष्ण  कहो  या  राम …………
Jag mein sundar hain do naam,
chaahe krishna kaho ya ram,
bolo ram, ram, ram,
bolo shyam, shyam, shyam.
Makhan brij mein ek churaave,
ek ber bhilni ke khaave,
prembhav se bhare anokhe,
donon ke hain kaam,
chaahe krishna kaho ya ram.
Ek kans paapi ko maare,
ek dusht ravan sanhare,
donon deen ke dukh harat hain,
donon bal ke dhaam,
chaahe krishna kaho ya ram.
Ek hriday mein prem badhaave,
ek taap santap mitaave,
donon sukh ke sagar hain,
aur donon pooran kaam,
chaahe krishna kaho ya ram.
Ek radhika ke sang raaje,
ek janaki sang biraaje,
chaahe seetaram kaho,
ya bolo radheshyam,
chaahe krishna kaho ya ram.
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मनिहारी का भेष बनाया,श्याम चूड़ी बेचने आया

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मनिहारी का भेष बनाया , श्याम चूड़ी बेचने आया |
छलिया का भेष बनाया , श्याम चूड़ी बेचने आया ||
झोली कंधे धरी , उसमे चूड़ी भरी|
झोली कंधे धरी , उसमे चूड़ी भरी||
झोली कंधे धरी , उसमे चूड़ी भरी|
गलियो में शोर मचाया , श्याम चूड़ी बेचने आया||
छलिया का भेष बनाया , श्याम चूड़ी बेचने आया||
राधा ने सुनी, ललिता से कही|
राधा ने सुनी , ललिता से कही ||
राधा ने सुनी ललिता से कही |
मोहन को तुंरत बुलाया,श्याम चूड़ी बेचने आया||
छलिया का भेष बनाया,श्याम चूड़ी बेचने आया||
चूड़ी लाल नहीं पेहनू , चूड़ी हरी नहीं पेहनू |
चूड़ी लाल नहीं पेहनू , चूड़ी हरी नहीं पेहनू ||
चूड़ी लाल नहीं पेहनू , चूड़ी हरी नहीं पेहनू ||
मुझे श्याम रंग है भाया , श्याम चूड़ी बेचने आया |
छलिया का भेष बनाया , श्याम चूड़ी बेचने आया||
राधा पहनन लगी , श्याम पहनाने लगे |
राधा पहनन लगी , श्याम पहनाने लगे ||
राधा पहनन लगी , श्याम पहनाने लगे ||
राधा ने हाथ बढ़ाया , श्याम चूड़ी बेचने आया |
छलिया का भेष बनाया , श्याम चूड़ी बेचने आया ||
राधा कहने लगी तुम हो छलिया बड़े |
राधा कहने लगी तुम हो छलिया बड़े ||
राधा कहने लगी तुम हो छलिया बड़े ||
धीरे से हाथ दबाया , श्याम चूड़ी बेचने आया |
छलिया का भेष बनाया , श्याम चूड़ी बेचने आया||
मनिहारी का भेष बनाया , श्याम चूड़ी बेचने आया |
छलिया का भेष बनाया , श्याम चूड़ी बेचने आया ||
मनिहारी का भेष बनाया , श्याम चूड़ी बेचने आया ||
छलिया का भेष बनाया , श्याम चूड़ी बेचने आया |
मनिहारी का भेष बनाया,श्याम चूड़ी बेचने आया ||
छलिया का [...]

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“कभी राम बनके कभी श्याम बनके”

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Hindi Lyrics
कभी राम बनके कभी श्याम बनके चले आना प्रभुजी चले आना….
तुम राम रूप में आना, तुम राम रूप में आना
सीता साथ लेके, धनुष हाथ लेके,
चले आना प्रभुजी चले आना…
तुम श्याम रूप में आना, तुम श्याम रूप में आना,
राधा साथ लेके, मुरली हाथ लेके,
चले आना प्रभुजी चले आना…
तुम शिव के रूप में आना, तुम शिव के रूप में आना..
गौरा साथ लेके , डमरू हाथ लेके,
चले आना प्रभुजी चले आना…
तुम विष्णु रूप में आना, तुम विष्णु रूप में आना,
लक्ष्मी साथ लेके, चक्र हाथ लेके,
चले आना प्रभुजी चले आना…
तुम गणपति रूप में आना, तुम गणपति रूप में आना
रीधी साथ लेके, सीधी साथ लेके ,
चले आना प्रभुजी चले आना….
कभी राम बनके कभी श्याम बनके चले आना प्रभुजी चले आना…
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अच्युतम केशवं

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Hindi Lyrics :
अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं
रामा नारायणं जानकी वल्लभं||
कौन कहेते है भगवान आते नहीं
तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं||
अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं
रामा नारायणं जानकी वल्लभं||
कौन कहेते है भगवान खाते नहीं
बेर शबरी के जैसे खिलते नहीं||
अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं
रामा नारायणं जानकी वल्लभं||
कौन कहेते है भगवान सोते नहीं
माँ यशोदा के जैसे सुलाते नहीं||
अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं
रामा नारायणं जानकी वल्लभं||
कौन कहेते है भगवान नाचते नहीं
गोपियों के तरह तुम नचाते नहीं||
अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं

रामा नारायणं जानकी वल्लभं||

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